तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं जहाँ भी ले जाएँ राहें हम संग हैं

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तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं जहाँ भी ले जाएँ राहें हम संग हैं Read english translation below….

संबंध है एकत्व।

वास्तविक संबंध तभी है जब उसमें दो लोग मिलकर आंतरिक रूप से एक हो गए हों,

जैसे कि एक गुरु और शिष्य के बीच संबंध।

और जब दो लोग एक हो जाते हैं तो वह एक-दूसरे के रंग में रंग जाते हैं

तब ये पता ही नहीं चलता है कि कौन कहाँ से शुरु होता है और कहाँ खत्म।

उनका जीवन, उनके सपने सब एक होने लगते हैं।

और जब ऐसा होता है तो असीम शांति और आनंद का अनुभव होता है

और जीवन में गहराई आ जाती है,

जीवन का विस्तार हो जाता है।

तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं …

सपने दो तरह के होते हैं- छुद्र सपने और विराट सपने

छुद्र सपने अहंकार की वजह से आते हैं, जैसे सबसे अमीर आदमी बनना, बड़े पद पर पहुंचना।

जो लोग छुद्र सपने देखते हैं कभी दूसरों से संबंध नहीं बना पाते, बल्कि दूसरों से टूटते जाते हैं और अकेले रह जाते हैं।

थोड़े से लोग विराट सपने भी देखते हैं,

जैसे कि कुछ सृजनात्मक कार्य करना, एक नई और सुंदर दुनिया का निर्माण करना

विराट सपने कभी अकेले नहीं पूरे किए जा सकते हैं इसलिए ऐसे लोग दूसरे लोगों से जुड़ते चले जाते हैं

और एक प्रेमपूर्ण संघ बनता है जिनके सपने एक रंग में रंगे होते हैं।

जहाँ भी ले जाएँ राहें हम संग हैं….

और जब दो या उससे ज्यादा लोग एक विराट सपने के लिए एक साथ होते हैं तो वह अभी और यहीं में आनंद लेते हैं

और उनको किसी मंजिल की चाह नहीं होती है,

भविष्य की कोई परवाह नहीं होती है।

वह बस मस्ती में, अपनी धुन में बेपरवाह चलते जाते हैं और यात्रा का मजा लेते हैं।

और यात्रा ही तो मंजिल है।

तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं जहाँ भी ले जाएँ राहें हम संग हैं….

एक-दूसरे के रंग में रंग जाना, एक हो जाना, और साथ मिलकर एक अनंत और अज्ञात यात्रा पर निकल जाना, यही प्रेम है, यही जीवन है, यही परम आनंद है।

गुरु पूर्ण विस्तार

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